गाण्ड मारे सैंया हमारो-4

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारित प्रेषिका : स्लिम सीमा मुझे आते देख कर वह जल्दी से खड़ा हो गया और मुझे बाहों में भर कर नीचे पटकने लगा। “ओह.. रूको.. मैं नाइटी तो उतार दूँ ?” मैंने अपनी नाइटी निकाल फैंकी। वह तो पहले से ही नंग-धड़ंग था, उसने झट […]

गाण्ड मारे सैंया हमारो-3

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारित प्रेषिका : स्लिम सीमा मैंने उसे पास पड़े सोफे पर धकेल दिया और उसकी पैंट की जीप खोल दी, फिर कच्छे के अंदर हाथ डाल कर उसका लण्ड बाहर निकाल लिया। मेरे अंदाज़े के मुताबिक उसका काले रंग का लण्ड 8 इंच लंबा और 2 […]

गाण्ड मारे सैंया हमारो-1

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारित प्रेषिका : स्लिम सीमा तजुर्बेकार लोग कहते हैं कि गोरी की गाण्ड और काली की चूत बहुत मज़ेदार होती है। अगर इस लिहाज से देखा जाए तो मेरी मटकती गाण्ड तो बहुत ही लाजवाब है। क्या आपको मेरे (नीरू बेन) मदहोश कर देने वाले किस्से […]

गाण्ड मारे सैंया हमारो-2

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारित प्रेषिका : स्लिम सीमा “हाँ और वो साली सुनीता भी ऐसे ही नखरे करती रहती है !” “कौन? वो काम वाली बाई?” “हाँ हाँ ! … वही !” “उसे क्या हुआ?” “वो भी चूत तो मरवा लेती है पर … ! गाण्ड नहीं मारने देती… […]

पड़ोसन भाभी की सहेली

प्रेषक आप लोगों तक पहुँची और आपने उसे बहुत सराहा और मुझे ढेर सारे मेल किए। मेरे एक दोस्त ने पूछा- तुम औरतों को खुश कैसे करते हो? वो मैं आपको अपनी इस आपबीती में बताऊँगा। जैसा कि आप लोगों को पता है कि मेरी पड़ोस वाली भाभी से सम्बन्ध हुए, उसके बाद भाभी ने […]

नौकरी में मिली छोकरी

प्रेषक : भावेश मैं भावेश, गुजरात का रहने वाला हूँ, अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मेरी उम्र 23 साल है। मैं आपको अपने जीवन की सच्ची कहानी बता रहा हूँ। दोस्तो, मैं सिविल इंजिनियर हूँ। मैं रोज अपने घर से कंपनी जाने की लिए बस लेता हूँ। मेरे घर से कंपनी का रास्ता एक घंटे […]

मुझे दीदी ना कहो-2

लेखिका : कामिनी सक्सेना उसने अपनी बाहें मेरी कमर में डाल कर मुझे दबा लिया और अपने अधरों से मेरे अधर दबा लिये। मैं जान करके घू घू करती रही। उसने मेरे होंठ काट लिये और अधरपान करने लगा। एक क्षण को तो मैं सुध बुध भूल गई और उसका साथ देने लगी। उसके हाथ […]

मुझे दीदी ना कहो-1

लेखिका : कामिनी सक्सेना मैं दिन को घर में अकेली होती हूँ। बस घर का काम करती रहती हूँ, मेरा दिल तो यूँ पाक साफ़ रहता है, मेरे दिल में भी कोई बुरे विचार नहीं आते हैं। मेरे पति प्रातः नौ बजे कर्यालय चले जाते हैं फिर संध्या को छः बजे तक लौटते हैं। स्वभाव […]

भाभी के बाद कामवाली-2

प्रेषक : सिंह पंजाबी जब मैंने उसको सहलाया, वो गर्म होने लगी- साब, क्या कर रहे हैं? “प्यार कर रहा हूँ !” “यह सही नहीं है ! मैं किसी की बीवी भी हूँ !” “तो मैं किसी का पति भी हूँ रानी ! वैसे दिन में जब तू आती है, संवरती नहीं है ! इस […]

भाभी के बाद कामवाली-1

प्रेषक : सिंह पंजाबी के आगे की कहानी : पहली भाभी की चुदाई के बाद अब मैंने उसके पति से दोस्ती कर ली। कभी वो मेरे घर बैठ पीता और वहीं लुढ़क जाता और मैं घर में ताला लगा कर उसके बेडरूम में ! यह भाभी तो मेरी हो गई, अब तो हर रात उसको […]